Saturday, May 2, 2009

हिन्दी ग़ज़ल

ग़ज़ल


आज ज़िन्दगी का ऐसा एक दिन है,
बदन मेरे पास है सामने मेरा दिल है।
आज ज़िन्दगी ........ ।

मुद्दतों से सोचा था काश ऐसा दिन आये,
वो भी आये सामने साथ मेरा दिल लाये।
आज ज़िन्दगी ......... ।

शुक्रिया करुँ कैसे समझ नहीं आता,
ऐसी कहि गैर का कोई दिल है चुराता।
आज ज़िन्दगी ......... ।

दिल लुटा के मुझ जैसा सज़ा सिर्फ़ पाता,
कत्ल भी करें गर वो माफ़ हो जाता।
आज ज़िन्दगी ........... ।

-लल्लन प्रसाद ठाकुर-

13 comments:

श्याम सखा 'श्याम' said...

बुरा न माने यह रचना गजल नहीं है,गज़ल हेतु
http://gazalkbahane.blogspot.com/ कम से कम दो गज़ल [वज्न सहित] हर सप्ताह
http:/katha-kavita.blogspot.com/ दो छंद मुक्त कविता हर सप्ताह कभी-कभी लघु-कथा या कथा का छौंक भी मिलेगा
सस्नेह
श्यामसखा‘श्याम

Manoj Kumar Soni said...

बहुत अच्छा लिखा है . मेरा भी साईट देखे और टिप्पणी दे
वर्ड वेरीफिकेशन हटा दे . इसके लिये तरीका देखे यहा
http://www.manojsoni.co.nr
and
http://www.lifeplan.co.nr

श्यामल सुमन said...

गजल नहीं तो क्या हुआ रचना भाव प्रधान।
मिल जाता है अपनापन तो चेहरे पे मुस्कान।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com

venus kesari said...

गजल व बहर के विषय में कोई भी जानकारी चाहिए हो तो सुबीर जी के ब्लॉग पर जाइये
इसे पाने के लिए आप इस पते पर क्लिक कर सकते हैं।

नारदमुनि said...

narayan narayan

नारदमुनि said...

narayan narayan

AlbelaKhatri.com said...

thakur saheb, prayas achha hi nahi bahut achha hai, lage raho....dheere dheere aur majbooti aajayegi......all the best
-albela khatri

Kusum Thakur said...

ठाकुर साहब अब कभी प्रयास नहीं कर सकते. मैं उनकी पत्नी उनकी यादों के तोर पर उनकी रचनाओं को सहेजने का प्रयास कर रही हूँ. वैसे ठाकुर साहेब ने नाटक की अनेक किताबें लिखी है जो विश्वविद्यालयों में भी पठाई जाती है.यह आज से २५ साल पहले की लिखी गए रचना है.
-धन्यवाद-

रचना गौड़ ’भारती’ said...

्ठाकुर साहब, आपने बहुत उम्दा लिखा है बधाई स्वीकारें। मेरे ब्लोग पर आपका स्वागत है

वन्दना अवस्थी दुबे said...

बहुत अच्छा प्रयास कर रहीं हैं कुसुम जी आप. शुभकामनायें.

abhivyakti said...

आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . लिखते रहिये
चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है

गार्गी
www.abhivyakti.tk

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

दिल दुखता है... said...

हिंदी ब्लॉग की दुनिया में आपका तहेदिल से स्वागत है....